मंगलवार, 27 जुलाई 2010

मंत्रीजी का मनोरंजन..देश की उम्मीदें

फिल्में लोगों के मनोरंजन का साधन होती हैं। मगर खट्टा मीठा फिल्म ने केंद्रीय मंत्री कमलनाथ की आंखें खोल दी। उन्हें फिल्म से पता चला कि सड़क बनाने वाले ठेकेदार को कितने स्थानों पर हिस्सा देना होता है। फिर कहीं जाकर सड़क बनती या उसकी मरम्मत होती है। यही वजह है कि देश के सड़क मार्गों की स्थिति बनने के कुछ समय बाद ही कैसी हो जाती है यह किसी से छिपा नही है। मंत्रीजी तो हवाई यात्रा ज्यादा करते हैं और जहां सड़क से जाते हैं वहां उनके आने-जाने की सूचना पर ही सड़क दुरुस्त हो जाती है। देखना यह है कि मंत्रीजी की आंखें खुलने के बाद अब क्या सड़कों की हालत सुधरेगी या ठेकेदारों के हिस्से बांटने से बची राशि से ही मार्गों का जीर्णोद्धार होता रहेगा। ठेकेदारों से हिस्सा लेने वालों की संख्या कम होगी या उसमें कुछ हिस्से और बढ़ जाएंगे। अगर हिस्से बढ़ जाएंगे तो देश की सड़कों पर डामर तलाशना मुश्किल हो जाएगा।

1 टिप्पणी:

Related Posts with Thumbnails