मंगलवार, 6 जुलाई 2010
फर्राटा क्रिकेट के बादशाह माने जाने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने जिस तरह गुपचुप ढंग से शादी की वह वाकई तारीफे काबिल है। अगर वे सगाई के कुछ बाद शादी का फैसला लेते तो शायद साक्षी शादी के मंडप में नहीं होती। वजह सभी जानते हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया के पास समय की अधिकता और खबरों की कमी। जब उनके पास मसाला नहीं होता तो वे धोनी के पिछले सभी उन प्रसंगों को उठाना शुरू कर देते जो विज्ञापनों के दौरान या खेल खेल में घटनावश हुईं। इन घटनाओं को तमाम कल्पनाओं के आधार पर पेश किया जाता। तस्वीरों के साथ पेश किया जाता जो शूटिंग के दौरान खींची गईं होती। ऐसे में साक्षी का मन बदल सकता था।
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