मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जितना कमजोर सीएम देश का शायद ही कोई दूसरा होगा। चार-छह महीने में वे अपने आपको असहाय बताने से नहीं चूकते। जब भी कोई राजनीतिक उठापटक या बयानबाजी होती है तब उनके इसी तरह बयान आ जाते हैं जिससे उनकी लाचारी दिखाई देने लगती है।
शिवपुरी में मुख्यमंत्री चौहान ने कुछ इसी तरह के बयान देकर फिर राजनीतिक सहानुभूति अर्जित करने की कोशिश की है। उन्होंने अपने आपकों को पाक साफ बताते हुए भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई में निष्पक्षता बरतने की बात कही। अपने दामन को साफ बताने के लिए वे यह तक कह गए कि भू-माफिया के खिलाफ जो कार्रवाई की उसमें अपनी पार्टी या दूसरे दल के नेता जैसे भेदभाव को नहीं देखा।
वे सहानुभूति पाने के लिए यह भी कह गए कि उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है क्योंकि कतिपय लोग उन्हें हटाने के लिए रुपए एकत्रित कर रहे हैं। उनके इस बयान के पीछे क्या राजनीति है, यह अभी सामने नहीं आया है लेकिन इतना जरूर इससे शायद हाईकमान उनके बयान से प्रभावित हो जाएगा। जिन लोगों की ओर उन्होंने इशारा किया है वे स्वयं निष्क्रिय हो जाएंगे या हाईकमान उन्हें चुप रहने के संकेत देगा। देखना यह है कि इस बयान का आने वाले दिनों में मप्र की राजनीति में क्या असर पड़ता है।

देखते है क्या असर पड़ता है ....
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